7th pay commission

7th pay commission

7th Pay Commission

The Cabinet on Wednesday endorsed the 7th pay commission  Report’s proposals for focal government workers, in a meeting held at Delhi. The Cabinet has given nod to hike of 23.6 percent increase in overall pay – basic pay plus allowances – as recommended by panel for the government employees. With this raise, a few senior government authorities will draw a higher compensation than administrators in Parliament.

 

The move will affect about 50 lakh workers and 58 lakh beneficiaries. The progressions will be compelling reflectively from January 1 this year. The raise is worked around a 14.27 for each penny climb in fundamental pay.

 

Rs. 73,650 crore of the aggregate payout will originate from the general spending plan, while Rs. 28,450 crore will originate from the railroads.
The base pay proposal is Rs. 18,000 every month. This too is more than twofold of the present Rs. 7,000.

24 percent hike in pensions.

The rate of annual increment retained at 3 percent.

पे स्केल सिफारिश 

नई सैलरी 1 जनवरी 2016 से लागू होगी. कैबिनेट तय करेगी कि एरियर एक मुश्त दिया जाए या किश्तों में दिया जाए।

इंट्री लेवल सैलरी 7,000 रू प्रति महीने से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति महीने

रिटायर्मेंट की लिमिट में बदलाव
33 साल की सर्विस या 60 साल की उम्र, जो लिमिट पहले आ जाए रिटायर्मेंट लिया जा सकता है। 30 साल की सर्विस या 55 साल की उम्र के बाद VRS का ऑप्शन मौजूद रहेगा। ग्रेच्युटी लिमिट 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपए जबकि डीए लिमिट 50 परसेंट और ग्रेच्युटी लिमिट 25 परसेंट तक बढ़ा दी जाएगी।

HRA में आएगा क्या बदलाव
A, B1, B2 और C के लिए 25 परसेंट जबकि रूरल एरिया के लिए 20 परसेंट हाउस रेंट किया गया। फिलहाल 10 से 30 परसेंट तक हाउस रेंट मिलता है।

मिलिट्री सर्विस पे में बदलाव
सर्विस अफसरों के लिए 6000 से 15500, नर्सिंग अफसरों के लिए 4200 से 10800 जबकि जेसीओ/ओआरएस के लिए 2000 से 52000 रुपए मिलट्री सर्विस पे बढ़ाया गया है। सियाचिन और ऐसे ही दूसरी जगहों पर तैनात सैनिकों के लिए अलग से इंतजाम किए गए हैं।

सरकारी खजाने पर बोझ
जनवरी में सरकार ने कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर प्रक्रिया के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। वेतन आयोग ने वेतन-भत्तों तथा पेंशन में 23.55 फीसदी सैलरी की सिफारिश की थी। इससे सरकारी खजाने पर 1.02 लाख करोड़ रुपये या जीडीपी का करीब 0.7 फीसदी का बोझ पड़ेगा।

पिछले 70 साल में ये है सबसे कम इन्क्रीमेंट
ये पिछले 70 सालों में हुआ सबसे कम इन्क्रीमेंट है। इस वेतन आयोग में एवरेज 16 परसेंट इन्क्रीमेंट हुआ है जबकि छठे कमीशन ने 20 परसेंट इन्क्रीमेंट किया था

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